Ek brave bachhi Priya ek mythological gurukul mein jaadui gyan seekhti hai aur apne andar ki shakti discover karti hai.
A brave and curious learner who becomes a wise and gentle teacher
She discovers her inner light that teaches others through math, music, and dreams
पहाड़ों की छोटी सी रानी, प्रिया थी चंचल सी जानी, विद्या देवी के गुरुकुल में, जाने को थी उसकी मनमानी, जैसे ही वहाँ पहुँची, देखा एक अलौकिक नज़ारा, पेड़ों पे चमके मोती, चाँदनी का था सारा समाँरा। देवी बोलीं, "बेटी, अंदर देखो, तुम में है एक रोशनी, जो जगमगाए, सबको सिखाए, बन जाए एक प्रशंसी।" प्रिया ने सिखाया गणित का राज़, गीत का साथ, सब बच्चे मिलकर गाए, बनी एक प्यारी बात। रात हुई, तारों ने देखा, प्रिया ने सिखाया, चाँद के नीचे, सपनों में भी, उसका ज्ञान ही जाया, अब वो बन गई गुरु, दयाल और बुद्धिमान, हर बच्चे के दिल में, बसी एक नई पहचान।
Continue reading with a free account...
Free — no credit card required